Section 137 of BNS in Hindi: अपहरण
भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) एक महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है जो भारत में आपराधिक कानून को नई दिशा देता है। Section 137 of BNS in Hindi अपहरण (Kidnapping) से संबंधित है और यह धारा बताती है कि अपहरण क्या होता है, इसके कितने प्रकार हैं और इसके लिए क्या सजा दी जा सकती है। अगर आप कानून को हिंदी में समझना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी है।
यह धारा पहले Indian Penal Code (IPC) की धाराओं 359 से 361 में थी। BNS 2023 ने इन्हें एक ही धारा 137 में समेट दिया है। इससे कानून को समझना और लागू करना दोनों आसान हो गए हैं।
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अपहरण — Bharatiya Nyaya Sanhita 2023
Bharatiya Nyaya Sanhita 2023 की धारा 137 के अनुसार अपहरण दो प्रकार का होता है। पहला है भारत में से अपहरण और दूसरा है विधिपूर्ण संरक्षकता से अपहरण। दोनों की अलग-अलग परिभाषाएं और शर्तें हैं।
भारत में से अपहरण (Kidnapping from India): जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को उसकी सहमति के बिना भारत की सीमाओं से बाहर ले जाता है, तो यह अपहरण माना जाता है। यहाँ सहमति उस व्यक्ति की या उसकी ओर से सहमति देने के लिए अधिकृत व्यक्ति की होनी चाहिए। बिना इस सहमति के सीमा पार कराना सीधे इस धारा के अंतर्गत आता है।
विधिपूर्ण संरक्षकता से अपहरण (Kidnapping from Lawful Guardianship): जब कोई किसी नाबालिग (16 वर्ष से कम आयु के लड़के या 18 वर्ष से कम आयु की लड़की) या विकृतचित व्यक्ति को उसके विधिपूर्ण संरक्षक की अनुमति के बिना ले जाता है या बहला-फुसलाकर ले जाता है, तो यह इस उपधारा के अंतर्गत अपराध है। यहाँ विधिपूर्ण अभिरक्षा का अर्थ यह है कि जिस व्यक्ति को कानूनी रूप से उस शिशु या व्यक्ति की देखभाल करने का अधिकार दिया गया हो।
स्पष्टीकरण:
“विधिपूर्ण संरक्षक” वह व्यक्ति होता है जिसे कानूनी तौर पर किसी शिशु या अन्य व्यक्ति की देख-रेख और अभिरक्षा का दायित्व सौंपा गया हो। इसमें माता-पिता, अभिभावक या न्यायालय द्वारा नियुक्त कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है।
अपवाद (Exception):
इस धारा का विस्तार उस व्यक्ति पर नहीं होता जो:
- सद्भावपूर्वक यह मानता हो कि वह उस अधर्मज शिशु का पिता है, या
- सद्भावपूर्वक यह मानता हो कि उसे उस शिशु की कानूनी अभिरक्षा का अधिकार है
लेकिन यह अपवाद तभी लागू होता है जब कार्य किसी अनैतिक या गैरकानूनी उद्देश्य के लिए न किया गया हो।
सजा का प्रावधान — धारा 137(2):
| विवरण | प्रावधान |
| कारावास | 7 वर्ष तक (सादा या कठोर) |
| जुर्माना | देय होगा |
| अपराध की प्रकृति | संज्ञेय (Cognizable) |
Conclusion
Section 137 of BNS in Hindi एक महत्वपूर्ण धारा है जो अपहरण के अपराध को स्पष्ट रूप से परिभाषित करती है। यह धारा न केवल बच्चों और विकृतचित व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है बल्कि भारत की सीमाओं से किसी को भी जबरन बाहर ले जाने पर रोक लगाती है। BNS 2023 ने इस कानून को और सरल और प्रभावी बनाया है।
अगर आप कानून की पढ़ाई कर रहे हैं या किसी कानूनी मामले को समझना चाहते हैं तो BNS की इन धाराओं को ध्यान से पढ़ें। किसी भी कानूनी सलाह के लिए हमेशा एक योग्य वकील से संपर्क करें क्योंकि हर मामले की परिस्थितियाँ अलग होती हैं।

Arjun Sethi is a legal researcher and columnist specializing in constitutional and comparative law. A graduate of NALSAR University, he has published in leading law journals and advised policy think tanks. His work bridges theory and practice, offering readers precise, well-researched insights grounded in academic rigor and ethical clarity.
